Vashikaran- प्रभावकारी मन्त्र

वशीकरण मन्त्र और उनकी सिद्धियाँ 

Vashikaran- प्रभावकारी मन्त्र में हम आपको सर्वप्रथम बताएँगे की  वशीकरण शब्द का अर्थ क्या होता है  वशीकरण का अर्थ होता  है – वश में करना | वशीकरण मन्त्र को सिद्ध करने के बाद साधक किसी भी प्राणी को अपने वश में कर सकता है अर्थात जिस मन्त्र को सिद्ध करके साधक प्राणिमात्र को अपने वशीभूत कर ले उसको ही वशीकरण कहते है | वस्तुतः यह आकर्षण का चरम विकसित और अत्यधिक प्रभावी रूप है |आकर्षण के द्वारा केवल किसी को अपनी ओर खीचना या पास लाया जाता है जबकि वशीकरण के द्वारा उस प्राणी को अपने अनुरूप चलाया जा सकता है , इस मन्त्र का दुरूपयोग नहीं करना चाहिए बल्कि समाज के और अपनों के हित के लिए ही इसका प्रयोग करना चाहिए जैसे यदि घर का कोई प्राणी गलत संगत में उलझ गया है और नशा या कोई गलत कार्य करने लगा है तो वशीकरण के द्वारा उसको सही मार्ग पर लाया जा सकता है इसी प्रकार दुसरो का भला भी इस मन्त्र के द्वारा किया जा सकता है | सम्मोहन का प्रयोग आज भी हिप्नोटिज्म के रूप में देखा जा सकता है , वशीकरण इससे कई अधिक गुना प्रभावी होता है |

आपके लिए कुछ ऐसे ही प्रभावी वशीकरण मन्त्र आपके सम्मुख दिए जा रहे है जिसके द्वारा आप किसी भी प्राणी स्त्री पुरुष अधिकारी या किसी भी अन्य प्राणी को वशीभूत करके अपने कार्य सिद्ध करवा सकते है किन्तु अपने विवेक सोच समझकर जहाँ जरुरत हो वहीँ पर इसका प्रयोग करना चाहिए |

 

वशीकरण एक मन से संबंधित प्रक्रिया है  जिसके द्वारा दूसरे प्राणी को वश में किया जाता है 

वशीकरण मन्त्र 

 

ॐ ह्रां गं जूं सः अमुकस्य मे वश्य वश्य स्वाह |

(१ ) विधि – सर्वप्रथम एक लकड़ी का बजोट लेकर उस पर लाल रंग का साफ़ कपड़ा बिछाना है और  एक देशी घी या तिल के तेल का दीपक बीच में रख देना है उसके चारो ओर गुलाब के फूल चढ़ा देने है क किसी देवी देवता के चित्र की जरुरत नहीं है यदि लगाना चाहते हो तो अपने गुरु  का चित्र लगा सकते हो ,नहा धोकर साफ़ स्वच्छ वस्त्र अगर सफ़ेद हो तो बहुत अच्छा है पहन कर एक रुद्राक्ष की माला लेकर और एक लिटा जल जरुर रखना है इसको आप घर के मंदिर में ही कर सकते हो किन्तु कोई आपको परेशान न करे एकांत होना चाहिए |माला को जल से धो ले और गणेश जी और अपने गुरु का सबसे पहले ध्यान करे और उनसे साधना में सफलता के लिए आशीर्वाद मांगे  इसके  पश्चात्  तीन , पांच या सात माला मन्त्र का जाप नित्य करना है और जब जाप चल रहा हो तो दीपक को लौ पर ध्यान रखना है  ये क्रिया ४५ दिन की है ये एक बहुत ही प्रभावशाली मन्त्र है , जब जाप पुरे हो जाये तो १०८ आहुति इसी मन्त्र की अग्नि में करनी है और शंकर जी के  मंदिर में जाकर प्रसाद चढ़ा कर आना है |

मन्त्र का वशीकरण प्रयोग 

 जिसे भी वश में करना हो उसकी एक तस्वीर को किसी एकांत कमरे में रात्रि में १०८ बार इस मन्त्र का  जाप करना है , अमुकस्य की जगह उस व्यक्ति का नाम लेना  है जिसको वश में करना है और उस प्राणी का ध्यान मन में जाप करते  हुए करना है कुछ ही दिनों में वो व्यक्ति आपके अनुसार आचरण करना शुरू कर देगा और आपको  ही सबसे पहले महत्त्व देना शुरू कर देगा एक आश्चर्यजनक उसके व्यव्हार में बदलाव आने लगेगा अगर आप कम से कम सात दिन ऐसा करते हो तो वो आपके लिए हर समय बेचैन रहने लगेगा ,मन्त्र के प्रभाव के कारन उसकी बैचैनी बढती चली जाएगी और वो आपसे मिलने को बेचैन रहने लगेगा |

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ॐ नमो चामुंडे जय जय वश्य मानय

जय जय सर्व सत्त्वा नमः स्वाहा | 

 

(२) विधि- Vashikaran- प्रभावकारी मन्त्र  के इस लेख में  यह  एक बहुत ही चमत्कारी और शक्तिशाली   प्रभावकारी  वशीकरण मन्त्र है अतः इसका प्रयोग बहुत सोच विचार करके ही करना चाहिए , इसको प्रयोग करने से पहले सिद्ध करना अति आवश्यक है | इसको सिद्ध करने के लिए रात्रि का समय अति उत्तम होता है काली माता या चामुंडा माता या फिर दुर्गा माता का चित्र बजोट पर लाल कपड़ा बिछा कर उस पर रखना होता है और सबसे पहले गणपति जी का पूजन फिर गुरु पूजन तथा उसके पश्चात् माता का पंचोपचार पूजन करना होता है जल का एक लोटा समीप रखे और माता लो भोग में खीर लड्डू या मावे की कोई भी मिठाई अर्पित करे उसमे दो लौंग भी लगा दे और एक मीठा पान जरुर चढाये, उसके पश्चात् हाथ में जल लेकर संकल्प लें | संकल्प में अपना नाम गोत्र पिता स्थान और अपनी अपने कार्य को बोलना होता हैफिर उस जल को धरती पर छोड़ दें |ये साधना ४५ या ९० दिन की होती है किन्तु यदि कोई २१ दिन भी लगातार इसको कर लेता है तो भी कार्य हो जाता है | जब मन्त्र सिद्ध हो जाए तो इसको आप निम्न विधि के द्वारा प्रयोग में ला सकते है |

मन्त्र का प्रयोग 

जिस किसी भी प्राणी को वश में करना होता है तो इस मन्त्र को २१ बार बताशे पर या इलाइची या किसी भी मीठी चीज़ पर पढ़कर उस व्यक्ति को खिला दें तो वो आपके वशीभूत होकर कार्य करने लगेगा |

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कमरू देश कामख्या देवी 

तहां बसे इस्माइल जोगी 

इस्माइल जोगी ने लगाई फुलवारी

फूल बिने लोना चमारी

जो इस फूल की सूंघे बांस

तिसका जिव हमारे पास

घर छोड़े आंगन छोड़े

लोक कुटुंब की लज्जा छोड़े

दुहाई लोना चमारी की

दुहाई धनंतर की छू अमुक |

ये एक शबर मन्त्र है जोकि बहुत प्रभावशाली होते है , शबर मन्त्र पहले से ही सिद्ध होते है इसलिए इन मंत्रो को ज्यादा नहीं जपना पड़ता पर जितना इसका जाप किया जाये उतना ही ये और भी शक्तिशाली होता जाता है |

(३) विधि – किसी भी शनिवार की रात्रि से इस मन्त्र का जाप आरम्भ करना चाहिए , जाप किसी शुद्ध एकांत स्थान में करना चाहिए सर्वप्रथम नहा धोकर जहाँ साधना करनी है वहां पर बजोट पर एक दीपक प्रज्वलित कर दें और इसमें लॉन्ग कपूर गूगल और लोबान का धुना जरुर जलाना है इसलिए इन सामग्रियों और कुछ उपलों की व्यवस्था पहले से ही कर लें इस धुनें पर मद्य (देशी शराब ) का प्रसाद चढ़ाना है और उसके बाद गणेश जी और अपने गुरु का सुमिरन करने के बाद मन्त्र जाप शुरू करना चाहिए |इस मन्त्र की एक माला प्रतिदिन करना अनिवार्य है , लगातार ३१ (इकत्तीस ) दिन तक ये साधना चलेगी मदिरा का प्रसाद पहले दिन ही चढ़ाना है उसके बाद रोज मिठाई या बताशे पर दो लॉन्ग रखकर चढ़ाना है अगर कोई मदिरा नित्य अर्पित करना चाहता है तो कर सकता है , ऐसा करने से ३१ दिन में मन्त्र सिद्ध हो जाएगा समापन के बाद काली माता के मंदिर में प्रसाद चढ़ा कर आना है |

मन्त्र का प्रयोग 

किसी भी प्रकार की सुगंध (सेंट इत्यादि ) या सुगन्धित पुष्प को मन्त्र से ७ बार अभिमंत्रित करके जिसे भी सुंघाया जायेगा वह वशीभूत हो जायेगा और साधक की इच्छानुसार कार्य करने को विवश हो जाएगा | जिस प्राणी को वशीभूत करना है तो मन्त्र में जहाँ अमुक लिखा है वहां पर अमुक की जगह उस व्यक्ति का नाम लेना है जिसे वशीभूत करना है |

Vashikaran- प्रभावकारी मन्त्र लेख अगर कोई भी पाठक अपनी अभिव्यक्ति साझा करना चाहता है तो कृपया कमेंट जरुर करें और हमारा मार्गदर्शन करते रहे धन्यवाद् |

 

शमशान भैरवी साधना एक शक्तिशाली साधना –

 

 

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